25 मई 2026 को बॉलीवुड में एक बड़ा झटका लगा जब Federation of Western India Cine Employees (FWICE) ने अभिनेता रणवीर सिंह के खिलाफ 'नॉन-कोऑपरेशन' बैन लागू किया। यह कदम फिल्म डॉन 3 से जुड़े चल रहे विवाद का नतीजा था। तुरंत बाद रणवीर की टीम ने पहली बार आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि वे इस मामले में गरिमा बनाए रखने के लिए जानबूझकर चुप रहे हैं और कानूनी रास्ते से हल निकालेंगे।
यह मामला सिर्फ एक फिल्म के खत्म होने तक सीमित नहीं है; यह इंडस्ट्री के सबसे बड़े यूनियन और एक मेगा स्टार के बीच टकराव है। FWICE, जो भारत के पश्चिमी हिस्से में काम करने वाले सिनेमाई कर्मचारियों की सबसे बड़ी संघटना है, ने अपने सभी सदस्यों—निर्माताओं, निर्देशकों और तकनीशियनों—from से अनुरोध किया है कि वे जब तक विवाद सुलझ नहीं जाता, रणवीर सिंह के साथ किसी भी प्रोजेक्ट पर काम न करें।
विवाद की शुरुआत और आर्थिक दावे
कहानी की शुरुआत फरवरी 2026 से होती है, जब Excel Entertainment, जिसकी स्थापना फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने की थी, ने Producers Guild of India के सामने शिकायत दर्ज कराई। उनके अनुसार, रणवीर सिंह ने शूटिंग शुरू होने से ठीक तीन सप्ताह पहले अचानक फिल्म छोड़ दी।
निर्माण कंपनी का दावा है कि रणवीर के सहयोग के बाद उन्होंने भारी निवेश कर दिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 200 से अधिक वर्कर्स के लिए विदेशों में यात्रा और होटल बुकिंग की गई थी, जिसमें ₹45 करोड़ (पैंतालीस लाख रुपये) का नुकसान हुआ। यह राशि प्री-प्रोडक्शन की तैयारियों, लोकेशन स्कौटिंग और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च हुई थी।
यूनियन की भूमिका और नोटिस
जब मध्यस्थता असफल रही, तो मामला 11 अप्रैल 2026 को Indian Film and Television Directors Association (IFTDA) के माध्यम से FWICE तक पहुंचा। Decode With Sudhir Chaudhary की रिपोर्ट के अनुसार, FWICE ने रणवीर सिंह को तीन बार नोटिस भेजे।
रणवीर सिंह की ओर से इन नोटिसों का जवाब देते हुए यह तर्क दिया गया कि FWICE कोई कानूनी बॉडी नहीं है और इसका यह विवाद में दखल देने का अधिकार नहीं है। हालांकि, यूनियन ने इसे नजरअंदाज करते हुए 25 मई को आपातकालीन बैठक बुलाई और औपचारिक बैन लागू किया। इसका मतलब है कि अब इंडस्ट्री के हजारों तकनीशियन रणवीर के साथ काम करने से मना कर सकते हैं।
रणवीर सिंह की चुप्पी का रहस्य
इस पूरे दौरान रणवीर सिंह सार्वजनिक रूप से मौन रहे। लेकिन बैन लगने के बाद उनकी टीम द्वारा जारी बयान में इस चुप्पी का कारण स्पष्ट किया गया। बयान में कहा गया, "रणवीर सिंह फिल्म इंडस्ट्री और डॉन फ्रैंचाइजी का बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने इस मामले पर गरिमा बनाए रखने के लिए जानबूझकर चुप्पी साधी थी।"
टीम ने आगे स्पष्ट किया कि वे पेशेवर प्रतिबद्धताओं को कानूनी और सही तरीके से सुलझाने में विश्वास रखते हैं। यह रणनीति दिखाती है कि रणवीर चाहते थे कि मामला सोशल मीडिया या प्रेस में नहीं, बल्कि पीछे की कुर्सी पर हल हो।
भविष्य क्या लाएगा?
अब सवाल यह उठता है कि क्या यह बैन वास्तव में रणवीर की करियर को प्रभावित करेगा? चूंकि FWICE के सदस्यों में कैमरा ऑपरेटर, लाइटिंग तकनीशियन और अन्य क्रू शामिल हैं, इसलिए किसी भी बड़े प्रोजेक्ट के लिए उन्हें वैकल्पिक टीम बनानी होगी। यह इंडस्ट्री में एक अलग ही माहौल पैदा कर सकता है।
फरहान अख्तर ने हाल ही में The Hollywood Reporter India को दिए इंटरव्यू में कहा था, "अपेक्षित नहीं है उसकी उम्मीद करनी चाहिए।" यह कथन इस अनिश्चितता को रेखांकित करता है जो फिल्म निर्माण में कभी भी देखी जा सकती है।
Frequently Asked Questions
FWICE ने रणवीर सिंह पर क्यों बैन लगाया?
FWICE ने 'डॉन 3' फिल्म से जुड़े विवाद के बाद रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किया। निर्माताओं का आरोप है कि रणवीर ने शूटिंग से पहले फिल्म छोड़ दी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ। यूनियन ने अपने सदस्यों से अनुरोध किया है कि वे विवाद समाधान तक रणवीर के साथ काम न करें।
Excel Entertainment का आर्थिक दावा क्या है?
Excel Entertainment, जिसे फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने स्थापित किया है, का दावा है कि रणवीर सिंह के फिल्म छोड़ने से उन्हें लगभग ₹45 करोड़ का नुकसान हुआ। इसमें विदेशी लोकेशन पर 200+ वर्कर्स की यात्रा और ठहरने की लागत शामिल है।
रणवीर सिंह ने इस मामले पर क्यों चुप्पी साधी?
रणवीर सिंह की टीम ने बताया कि उन्होंने गरिमा बनाए रखने के लिए जानबूझकर चुप्पी साधी। उनका मानना है कि पेशेवर प्रतिबद्धताओं और विवादों को कानूनी और सही तरीके से सुलझाना चाहिए, न कि सार्वजनिक रूप से।
क्या यह बैन रणवीर सिंह की करियर को प्रभावित करेगा?
FWICE के सदस्यों में कई तकनीशियन और क्रू शामिल हैं। यदि वे रणवीर के साथ काम करने से मना करते हैं, तो निर्माताओं को वैकल्पिक टीम ढूंढनी होगी। यह प्रक्रिया समय ले सकती है और प्रोजेक्ट्स को प्रभावित कर सकती है, हालांकि यह पूरी तरह से बंदी नहीं है।
विवाद का हल कैसे निकलेगा?
रणवीर सिंह की टीम ने कानूनी रास्ते से हल निकालने की बात कही है। दोनों पक्षों के बीच समझौता या कानूनी फैसला ही इस बैन को हटा सकता है। अभी तक कोई आधिकारिक तिथि या समझौते की घोषणा नहीं हुई है।